My photo

People write diaries. Their diaries describe their personality. I write on my blog. It describes me way too well. :D
My writing takes me places my mind never wanted to go
Everyone writes. From the ink of their thoughts, by the pen of their mind on the page of their face. Everyone writes.I love to write. It is a passion; a compulsion; something that gives me an avenue to express myself. I write when I am happy; when I am sad or when an issue touches my heart. I find inspiration to write in every aspect of life.
This blog is dedicated to anything and everything that fills my thoughts and occupies cranial space

Tuesday, May 01, 2018

शायद अब मुझे बोलना चाहिए

इस जुलाई मै 28 साल का होने जा रहा हूं। ये तकरीबन तकरीबन 28 साल कैसे बीते बस मै ही जानता हूं। बहुत साथी मिले इस सफर में।कोई मुझे छोड़ के चले गए और कइयो को मै छोड़ आया। और जो साथ रुके वो दिल का एक हिस्सा बन के रह गए। कोई दोस्त भाई बन गया तो कोई शक्स ना जाने जान से भी प्यारा हो गया। मेरा यकीन मानिए गा मैंने इनमें से किसी को भी अपना दोस्त या उससे भी ज्यादा बनाने की खुद कोशिश नहीं की। बस समय की चाल कहो उन दोस्तों की बदकिस्मती की वो भी मेरे बहुत खास है।

इन 28 सालों के कारवां में मैं बहुत खामोश किस्म का इंसान माना गया हूँ! नहीं नहीं शत्रुगण सिन्हा वाला बाजु हिले के बोलने वाला "खामोश" नहीं पर एक ऐसा लड़का जो ज्यादा नहीं बोलता और अपने में ही खुश रहता है! और जनाब ज्यादा बोलने में रखा ही क्या है! वो कहते है न की गैरों को बोल के भी समझाने का कोई फायदा नहीं है क्यूंकि उन्होंने तुम्हारे बारे में जो सोचना है वही सोचना है और अपनों को बोलने की जरुरत नहीं होती क्यूंकि उनसे दिल के तार ही ऐसे जुड़ जाते है की मुँह से निकले शब्द अहमियत नहीं रखते! 

पर अब शायद मैं कुछ डर सा गया हूँ, कुछ सहम सा गया हूँ! क्यूंकि मेरे अपने ही मेरी ख़ामोशी का कुछ अलग मतलब निकल रहे है! शायद वह मेरी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी समझने लगे है! मेरी ख़ामोशी की वजह का पता होने के बावजूद भी मेरी ख़ामोशी को उनके प्रति काम होता लगाव माना जा रहा है! अब उनको ये बोल के कैसे समझाए की ये दिल का सौदा है और ये एक के साथ ही किआ जाता है कोई कांग्रेस की सरकार नहीं है जो अपने फायदे के लिए आज एक से हाथ मिला रही है और कल दूसरे से! 

हाँ मानता हूँ की जो परिस्थितिया चल रही है कुछ समय जरूर लगेगा, इस खामोशी को जाने में! मेरा वक़्त भी क़यामत की तरह है आएगा जरूर! तब तक अपने इरादों को जताना सीख रहा हूँ क्यूंकि ये तो तुम भी जानते हो की इरादे चाहे कितने भी नेक क्यों ना हो अगर उनको जताने का तरीका सही ना हो तो खुदा भी अज़ान को आदत मान लेता है!

1 comment:

  1. Always lived your writing
    This time again you hit the right chord again. Don't know how you can play with the words so perfectly.
    Keep writing

    Your secret admirer 😊

    ReplyDelete

I guess, you liked this post..because you read until here, soooo long...:)
So let me know also, by leaving a comment so that i can pat myself on my back....;)